तोर मोर बंधना मया के छुटे ना संसार म
झन होय कभू कमी जोही तोर मोर प्यार म
हवय गजब अगोरा मोर हिरदे के भीतरी
बइठे गुनंव तोला नदिया नरवा कछार म
// *तोषण कुमार चुरेन्द्र* //९६१७५८९६६७//
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