रविवार, 21 मई 2017

भारतीय

अहं है मुझे भारतीय होने का
भारत के लिये तन खोने का
तुम क्या जानो जीना क्या है
मर कर धरती पर सोने का
तोषण कुमार चुरेन्द्र

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