शनिवार, 27 मई 2017

सका...

दोषी  हूँ  दुनिया  का  सम्हल  ना  सका
मिट्टी  हूँ  दीपक  बनकर  जल ना सका
चाहत    अंधेरे    से    हटने   की   मुझे
डर था इस दिल में तोषण चल ना सका
तोषण कुमार चुरेन्द्र

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