बुधवार, 31 मई 2017

हाइकु


हुस्न-ए-नूर
नुमाइश़ ना कर
होगी बेनूर ।।
आफताब आ रहा
रौशनी है ला रहा।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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