गुरुवार, 18 मई 2017

माँ

देखता जब तस्वीर आपकी

आँसू...आँख से आ जाती है

हाथ..थाम संग चलना सीखा

ओ *माँ*...बहुत याद आती है

___🖋तोषण कुमार चुरेन्द्र

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