देखता जब तस्वीर आपकी
आँसू...आँख से आ जाती है
हाथ..थाम संग चलना सीखा
ओ *माँ*...बहुत याद आती है
___🖋तोषण कुमार चुरेन्द्र
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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