शुक्रवार, 8 जुलाई 2016

छत्तीसगढ़ी राम भजन


छत्तीसगढ़ी राम भजन
 (ध्रु.)चल संगी चलगा भैय्या हरि गुन गाबो जी
 रेटहा परे हे डोंगा२ एला सम्हराबो जी
 चल संगी चल गा भैय्या...
(पद) चरदिन चरदुनिया मया मया के मड़ाई मा
जिनगी ढल जाही सुख के खोजाई मा
राम नाम के हे धारा२ चलो तर जाबो जी
 चल संगी चल गा भैय्या...
 (पद) रामा-यण हे गंगा सब लहरालव गा
 मन में भरेहे मइल सब उजरालव गा
भगति के साबुन मा२ जुरमिल नहाबो जी
चल संगी चल गा भैय्या...
 (पद) राम-नांव सुमरन करे बालमिकी तरगे ना
बोईर ल खवागे गा सभरी उबरगे ना
नवधा भगति ला२ हमूमन पाबो जी
 चल संगी चल गा भैय्या...
 (पद) हनुमत लाला ह जेखर संवदिया हे
 बेड़ा पार करे राम रमइय्या हे
 पंवरी ल पाए-बर२ जगा पोगराबो जी
चल संगी चल गा भैय्या...
(पद) जेला गोहरावय सब महूं गोहरावत हंव
 हांथ जोड़े तोषन संग मांथे नंवावत हंव
भगति अउ ग्यान पाके२ बैरागी हो जाबो जी
 चल संगी चल गा भैय्या...
 रचना:-आचार्य तोषण
श्री गुरूघासीदास मानिकपुरी मानस मंडली
धनगांव डौंडीलोहारा बालोद
रचना समय ८/७/१६//६:४८अपरान्ह
टीप:-हर खुशी के शुभ अवसर पर उपलब्ध

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...