रविवार, 17 जुलाई 2016

एक दिन मुझे

ना करना वार छुपकर एक दिन मुझे
रूसवा कर जाऊंगा मैं एक दिन तुझे
 माना कि अनजान हूं राहों में तेरी
जान जाएंगे जमाना एक दिन मुझे
 झुककर जमाना करेगा सजदा मेरी
सुन ले दिखाऊंगा एक दिन तुझे
 रह जाऊंगा पन्नों पर इतिहास के
 रूलाऊंगा देख लेना एक दिन तुझे
 उडाया यूं मजाक मेरा लोगों के सामने
 बन आंधी उड़ा जाऊंगा एक दिन तुझे 
चल रहा हूं जो आज जहां के पीछे
कर जाऊंगा पीछे जहां एक दिन तुझे
 माना दरिया सी औकात तेरी 'तोषण'
मानेंगे गहरा समंदर जहां एक दिन तुझे
 #आचार्य_तोषण

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