शीर्षक :-छत्तीसगढ़ के कोरा
लहर लहर मोर गांव मा
सरसों फूल लहरावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा मा
मया के फूल मुसकावै।
लहर लहर मोर गांव मा
सरसों फूल लहरावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा मा
मया के फूल मुसकावै।
सीरी पंचमी के सुआगत म
पुरवइय्या ह डोलत हे।
होरी म गुलाल खेलबो
कारी कोयली बोलत हे।।
मिठ्ठू बनावै सुआ ददरिया
परेवना ह राग लमावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा म
मया के फूल मुसकावै।।
आमा ह मउरे बोईर झरगे
परसा ह ललियात हे।
कुलर पंखा निकलत हाबे
गरमी के सुरता करात हे।
कोनों खाही ठंडा कुलफी
बरफ हा कोनों सुहावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा म
मया के फूल मुसकावै।।
सुमता ले रहिबो हमन
मया के गीत ल गाबोन।
आऔ सबोझन मिलके
होरी ल सुघर मनाबोन।।
बिधुन होके बाजै नंगारा
सबला नाच नचावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा म
मया के फूल मुसकावै।।
-आचार्य तोषण
पुरवइय्या ह डोलत हे।
होरी म गुलाल खेलबो
कारी कोयली बोलत हे।।
मिठ्ठू बनावै सुआ ददरिया
परेवना ह राग लमावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा म
मया के फूल मुसकावै।।
आमा ह मउरे बोईर झरगे
परसा ह ललियात हे।
कुलर पंखा निकलत हाबे
गरमी के सुरता करात हे।
कोनों खाही ठंडा कुलफी
बरफ हा कोनों सुहावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा म
मया के फूल मुसकावै।।
सुमता ले रहिबो हमन
मया के गीत ल गाबोन।
आऔ सबोझन मिलके
होरी ल सुघर मनाबोन।।
बिधुन होके बाजै नंगारा
सबला नाच नचावै।
छत्तीसगढ़ के कोरा म
मया के फूल मुसकावै।।
-आचार्य तोषण

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