आप सब कवि बधाई के पात्र हवव।
साहित्य जगत के महामात्र हवव।।
दिया कस अंजोर सुघर बगरात रहा
मे तुंहर चरण के धुर्रा मात्र हवंव।।
साहित्य जगत के महामात्र हवव।।
दिया कस अंजोर सुघर बगरात रहा
मे तुंहर चरण के धुर्रा मात्र हवंव।।
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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