जनम मरन म का राखे,करम रहय महान॥
संत जाने न छोटे बड़े, सबला माने समान।।
झन भटक काबा काशी, तन में राम समाय।
जपन कर हरिनाम तै, परभू ग्यान बताय।।
झींन रख मना बात तै ,जानंत हंव सबे ।
सब जनवइया राम हे, सफल जानंत हबे।।
पालनहारी राम हे ,सहज शील के धाम ।
करथे बेड़ा पार गा ,लेत राम के नाम।।
सुभ परभात
गरब गुमान न कीजै ,काया संग न जाय।
घरोंदा यह माटी का, माटी म मिल जाय।।
राजा छोडै राज ला ,रूप छोडै रानी।
सब रही जाही इहचे ,पुरवइया पानी।।
काला लेके आय हस ,का लेग तै जाबे
आए हस खाली तैहा ,खाली हांथ जाबे।
#आचार्य तोषण
शुक्रवार, 15 जुलाई 2016
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