शुक्रवार, 15 जुलाई 2016

रंगझांझर

जनम मरन म का राखे,करम रहय महान॥ संत जाने न छोटे बड़े, सबला माने समान।। झन भटक काबा काशी, तन में राम समाय। जपन कर हरिनाम तै, परभू ग्यान बताय।। झींन रख मना बात तै ,जानंत हंव सबे । सब जनवइया राम हे, सफल जानंत हबे।। पालनहारी राम हे ,सहज शील के धाम । करथे बेड़ा पार गा ,लेत राम के नाम।। सुभ परभात गरब गुमान न कीजै ,काया संग न जाय। घरोंदा यह माटी का, माटी म मिल जाय।। राजा छोडै राज ला ,रूप छोडै रानी। सब रही जाही इहचे ,पुरवइया पानी।। काला लेके आय हस ,का लेग तै जाबे आए हस खाली तैहा ,खाली हांथ जाबे। #आचार्य तोषण

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राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...