गरमी के दिन
अडबड लागय जम्हासी
लागय गजब ऊंघासी ।
गरमी के दिन ह सिरतो
हावय आरूग उबासी।।
अडबड लागय जम्हासी
लागय गजब ऊंघासी ।
गरमी के दिन ह सिरतो
हावय आरूग उबासी।।
घांम म पसीना बोहाय
घेरी बेरी पानी पियाय।
खाथन बंगाला चटनी
अउ कोदइय्या बासी
गरमी के दिन ह सिरतो
हावय आरूग उबासी।।
पानी गघरी के बने सुहाथे
कुलर पंखा के हावा भाथे
सुसताहा ए दिन मा संगी
लगथे गजब अंटियासी।
गरमी के दिन ह सिरतो
हावय आरूग उबासी।।
बरफ गुल्फी दुएच मिनट के
गन्ना रस पिले बने हकन के
भगा जही तोर तनले सब्बो
सुस्ती जंम्हई ऊंघासी
गरमी के दिन ह सिरतो
आरूग हावय उबासी।
-आचार्य तोषण
घेरी बेरी पानी पियाय।
खाथन बंगाला चटनी
अउ कोदइय्या बासी
गरमी के दिन ह सिरतो
हावय आरूग उबासी।।
पानी गघरी के बने सुहाथे
कुलर पंखा के हावा भाथे
सुसताहा ए दिन मा संगी
लगथे गजब अंटियासी।
गरमी के दिन ह सिरतो
हावय आरूग उबासी।।
बरफ गुल्फी दुएच मिनट के
गन्ना रस पिले बने हकन के
भगा जही तोर तनले सब्बो
सुस्ती जंम्हई ऊंघासी
गरमी के दिन ह सिरतो
आरूग हावय उबासी।
-आचार्य तोषण

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