मंहगाई रूकने का नाम ले
सूरसा बन खोले मुंह यहीं
बचकर निकलें कैसे मुंह से हर कोई बजरंगी तो नहीं
प्रतिदिन समस्या भारत की अब भयावह होती जा रही है
गेंहू चावल की तो बातें छोड़ो बाज़ार मे भाजी की धाक रही है
आम जनता की अब हालत देखो बद से बदतर है
गजब हो रहा मंहगाई की मार पड़ी जब मस्तक पकड़ कर है
रो रहा सोचने पर मजबूर है लोग यहां कैसे गुजारा हो क्या करेंगे अब
बढती हुई मंहगाई को रोकने नियम बनेगी अब के कब ???
न होगा समस्या पर काबू अगर तो चिंगारी असंतोष की सुलग सकती है
समाधान करो जन जन का तोषण तन मन तभी पुलक सकती है
-आचार्य तोषण
बचकर निकलें कैसे मुंह से हर कोई बजरंगी तो नहीं
प्रतिदिन समस्या भारत की अब भयावह होती जा रही है
गेंहू चावल की तो बातें छोड़ो बाज़ार मे भाजी की धाक रही है
आम जनता की अब हालत देखो बद से बदतर है
गजब हो रहा मंहगाई की मार पड़ी जब मस्तक पकड़ कर है
रो रहा सोचने पर मजबूर है लोग यहां कैसे गुजारा हो क्या करेंगे अब
बढती हुई मंहगाई को रोकने नियम बनेगी अब के कब ???
न होगा समस्या पर काबू अगर तो चिंगारी असंतोष की सुलग सकती है
समाधान करो जन जन का तोषण तन मन तभी पुलक सकती है
-आचार्य तोषण
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