शनिवार, 9 जुलाई 2016

मैं पेंड हूं

मैं पेड़ हूं क्यों ?
मेरा नुकसान करते हो
 जबकि मैंने किसी का नुकसान नही किया।
 मुझमें सारा संसार है और सारे संसार मे मैं हूं
सबके प्राणों की रक्षा मैं करता पर मेरी रक्षा...?
 जब तक हूं मैं तब तक तुम और जब तक तुम हो तब तक...?
एक बात समझाता हूं
 राह तुझे दिखाता हूं
सदा करो पेंडो की रखवाली
तभी रहेगी धरा हरियाली
आओ मिलकर सब पेंड लगाओ
मेरी दुनिया फिर से बसाओ
 -आचार्य तोषण

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