उसूल है जिन्दगी भर सीखेंगे यारों
सीखना छोड़ा समझो जीना छोड़ दिये
जी रहे थे सनम बेवफा खातिर हम
छोड़ उसे जॉं वतन पे जोड़ दिये
हिफाजत खातिर मां के दामन की
रूख आंधी के यूं हमने मोड़ दिये
तमन्ना सुर्ख गुलाब की गुलशन में
नसीब थे कांटे हमने तोड़ लिये
आई मइय्यत पे मिलने मुझसे 'तोषण'
अक्स देख उनका मिट्टी ओढ लिये
#आचार्य तोषण
सीखना छोड़ा समझो जीना छोड़ दिये
जी रहे थे सनम बेवफा खातिर हम
छोड़ उसे जॉं वतन पे जोड़ दिये
हिफाजत खातिर मां के दामन की
रूख आंधी के यूं हमने मोड़ दिये
तमन्ना सुर्ख गुलाब की गुलशन में
नसीब थे कांटे हमने तोड़ लिये
आई मइय्यत पे मिलने मुझसे 'तोषण'
अक्स देख उनका मिट्टी ओढ लिये
#आचार्य तोषण
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